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भारत में शपथ पत्र (एफिडेविट) को नोटरी से सत्यापित कैसे कराएं

लेखक: AffidavitWala.comप्रकाशित 6 मिनट में पढ़ें

काले कोट में एक नोटरी शपथ पत्र पर मुहर लगा रहा है, जबकि मेज के दूसरी तरफ से एक व्यक्ति उस पर हस्ताक्षर कर रहा है
शपथ पत्र पर नोटरी के सामने हस्ताक्षर करें, वहां जाने से पहले नहीं।
इस लेख में

शपथ पत्र (एफिडेविट) का मसौदा तैयार करके उसे स्टाम्प पेपर पर प्रिंट कर लेने से आपका ज्यादातर काम हो जाता है — लेकिन जब तक शपथ पत्र नोटरी से सत्यापित नहीं हो जाता, तब तक वह कानूनी रूप से पूरा नहीं होता। यही वह चरण है जिसमें लोगों से सबसे ज्यादा गलती होती है — वे या तो सही दस्तावेजों के बिना पहुंच जाते हैं, या खराब फॉर्मेट वाला प्रिंटआउट लेकर। अगर आपने अपना शपथ पत्र AffidavitWala.com पर बनाया है, तो उसका फॉर्मेट और स्टाम्प पेपर के हिसाब से साइज, दोनों पहले से सही हैं — नोटरी के पास आपका काम बिना किसी अड़चन के हो जाए, इसके लिए बाकी जो कुछ भी जरूरी है, वह सब इस गाइड में बताया गया है।

नोटरी के पास ले जाने की चीजें, हर एक पर सही का निशान: शपथ पत्र, एक फोटो पहचान पत्र, दो पासपोर्ट फोटो, एक पेन और सहायक दस्तावेजों का एक फोल्डर
ये चीजें साथ ले जाएं, ताकि नोटरी का काम एक ही चक्कर में पूरा हो जाए।

नोटरी सत्यापन असल में क्या है

नोटरी सत्यापन वह प्रक्रिया है जिसमें एक अधिकृत अधिकारी — नोटरी अधिनियम, 1952 के तहत नियुक्त नोटरी पब्लिक या कार्यपालक मजिस्ट्रेट — आपकी पहचान की पुष्टि करता है, आपके शपथ पत्र पर हस्ताक्षर करने का गवाह बनता है, और औपचारिक रूप से आपको इस बात की शपथ दिलाता है कि शपथ पत्र में लिखी बातें सच हैं। इसके बाद वह दस्तावेज पर अपनी आधिकारिक मुहर लगाता है, हस्ताक्षर करता है और अपनी पंजीकरण संख्या दर्ज करता है।

इसी से शपथ पत्र को कानूनी मान्यता मिलती है: तब वह केवल कागज पर लिखी आपकी बात नहीं रह जाता, बल्कि शपथपूर्वक दिया गया आपका बयान बन जाता है, जिसका गवाह ऐसा व्यक्ति होता है जिसके पास वह शपथ दिलाने का कानूनी अधिकार है।

शपथ पत्र को नोटरी से सत्यापित कहां कराएं

नोटरी पब्लिक आम तौर पर कचहरी परिसरों और रजिस्ट्रार कार्यालयों के आसपास काम करते हैं, और कई इलाकों में स्वतंत्र रूप से प्रैक्टिस भी करते हैं — नोटरी का बोर्ड ढूंढें या अपने नजदीकी जिला न्यायालय में पूछें। कार्यपालक मजिस्ट्रेट सामान्यतः स्थानीय तहसीलदार या एसडीएम कार्यालय में उपलब्ध होते हैं। कुछ बैंकों और बड़े संगठनों में खास आंतरिक शपथ पत्रों के लिए उनके अपने अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता भी होते हैं, हालांकि सामान्य उपयोग वाले शपथ पत्रों के लिए ऐसा कम होता है।

साथ में क्या ले जाएं

बेकार के चक्कर से बचने के लिए ये चीजें साथ ले जाएं:

  • सही स्टाम्प पेपर पर पहले से प्रिंट किया हुआ शपथ पत्र — अगर आपने इसे AffidavitWala.com पर बनाया है, तो पेज 1 का साइज पहले से सही होता है, इसलिए ज्यादातर नोटरी आपसे कुछ भी दोबारा करने को नहीं कहेंगे
  • सरकार द्वारा जारी कोई वैध फोटो पहचान पत्र (आधार, पैन, पासपोर्ट, वोटर आईडी या ड्राइविंग लाइसेंस)
  • एक पासपोर्ट साइज फोटो, अगर शपथ पत्र के फॉर्मेट में फोटो लगाने का बॉक्स है
  • शपथ पत्र में जिन सहायक दस्तावेजों का जिक्र है, वे सभी (जैसे, खोए दस्तावेज के शपथ पत्र के लिए मूल प्रमाण पत्र, अगर उपलब्ध हो)

आम तौर पर कितना खर्च और समय लगता है

नोटरी की फीस आम तौर पर मामूली होती है — नोटरी और इलाके के हिसाब से अक्सर ₹50 से लेकर कुछ सौ रुपये तक — और नोटरी के सामने पहुंचने के बाद असल प्रक्रिया में सामान्यतः बस कुछ ही मिनट लगते हैं। सबसे ज्यादा फर्क इंतजार के समय में पड़ता है, जो इस पर निर्भर करता है कि उस खास नोटरी का दफ्तर कितना व्यस्त है।

आम गलतियां, जिनसे शपथ पत्र खारिज होता है या देरी होती है

नोटरी सत्यापन में आने वाली ज्यादातर दिक्कतों के पीछे कुछ ऐसी कमियां होती हैं जिनसे बचा जा सकता है — और इनमें से ज्यादातर असल में फॉर्मेटिंग की गलतियां होती हैं, जिनसे AffidavitWala.com पर अपना दस्तावेज बनाकर आप शुरू से ही बच जाते हैं:

  • नोटरी के पास पहुंचने से पहले ही शपथ पत्र पर हस्ताक्षर कर देना — ज्यादातर नोटरी यह जरूरी मानते हैं कि आप उनके सामने हस्ताक्षर करें, क्योंकि इसका गवाह बनना उनके काम का हिस्सा है
  • अपने राज्य या उद्देश्य के हिसाब से गलत मूल्य का स्टाम्प पेपर इस्तेमाल करना
  • गलत स्केल पर प्रिंट करना ("Actual Size" की जगह "Fit to Page"), जिससे टेक्स्ट स्टाम्प पेपर पर पहले से छपे लेआउट से मेल नहीं खाता — AffidavitWala.com की PDF फाइलें इसके लिए पहले से सही साइज में तैयार होती हैं, इसलिए प्रिंट करते समय "Actual Size" चुनें
  • शपथ पत्र लेने वाले कार्यालय द्वारा खास तौर पर मांगे गए सहायक दस्तावेज साथ न होना

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या नोटरी के पास जाने से पहले शपथ पत्र पर हस्ताक्षर करना जरूरी है?

नहीं — ज्यादातर मामलों में आपको नोटरी के सामने ही हस्ताक्षर करने चाहिए, क्योंकि नोटरी जिस बात को प्रमाणित करते हैं, आपके हस्ताक्षर का गवाह बनना उसी का हिस्सा है। शपथ पत्र बिना हस्ताक्षर के ले जाएं और जब कहा जाए, तब हस्ताक्षर करें।

नोटरी पब्लिक और कार्यपालक मजिस्ट्रेट में क्या अंतर है?

भारत में दोनों को शपथ पत्र सत्यापित करने का कानूनी अधिकार है। नोटरी पब्लिक की नियुक्ति नोटरी अधिनियम, 1952 के तहत खास तौर पर इसी तरह के सत्यापन कार्य के लिए होती है। कार्यपालक मजिस्ट्रेट के पास ज्यादा व्यापक प्रशासनिक और मजिस्ट्रेटी अधिकार होते हैं (आम तौर पर तहसीलदार/एसडीएम स्तर पर), जिनमें यह अधिकार भी शामिल है। किसी सामान्य व्यक्तिगत शपथ पत्र के लिए आम तौर पर दोनों में से किसी का भी सत्यापन मान्य होता है — यह जांच लें कि आपसे शपथ पत्र मांगने वाला कार्यालय इनमें से किसी एक को प्राथमिकता तो नहीं देता।

क्या AffidavitWala.com पर बने शपथ पत्र को उसी दिन नोटरी से सत्यापित कराया जा सकता है, जिस दिन वह प्रिंट हुआ हो?

हां, इसके लिए कोई प्रतीक्षा अवधि नहीं है — आप उसी दिन इसे नोटरी से सत्यापित करा सकते हैं, बशर्ते नोटरी उपलब्ध हों और आपके पास जरूरी पहचान पत्र और सहायक दस्तावेज हों।

यह सामान्य जानकारी है, कानूनी सलाह नहीं। किसी असामान्य या बड़े जोखिम वाले मामले में किसी प्रैक्टिस करने वाले वकील से सलाह लें।

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