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शपथ पत्र (एफिडेविट) क्या है? अर्थ, प्रकार और इसे कैसे बनवाएं

लेखक: AffidavitWala.comप्रकाशित 6 मिनट में पढ़ें

स्टाम्प पेपर पर एक शपथ पत्र, जिस पर हस्ताक्षर और नोटरी की गोल मुहर है, और पास में एक फाउंटेन पेन
शपथ पत्र एक लिखित बयान है, जिसके सच होने की आप शपथ लेते हैं और जिस पर नोटरी या शपथ आयुक्त (ओथ कमिश्नर) के सामने हस्ताक्षर किए जाते हैं।
इस लेख में

अगर आपसे कभी बैंक, स्कूल, पासपोर्ट आवेदन या किसी सरकारी दफ्तर के लिए "शपथ पत्र (एफिडेविट) जमा करने" को कहा गया हो, और आप बस इतना ही समझ पाए हों कि यह "किसी तरह का कानूनी दस्तावेज" है, तो आप अकेले नहीं हैं। शपथ पत्र भारत में सबसे ज्यादा मांगे जाने वाले दस्तावेजों में से एक है, और सबसे कम समझाए जाने वाले दस्तावेजों में से भी एक।

सीधे शब्दों में कहें तो, शपथ पत्र तथ्यों का एक लिखित बयान है, जिसके सच होने की पुष्टि आप शपथ लेकर करते हैं — इस पर आप (यानी "शपथकर्ता") हस्ताक्षर करते हैं, नोटरी पब्लिक या कार्यपालक मजिस्ट्रेट इसके गवाह बनते हैं और इसका सत्यापन करते हैं, और आम तौर पर यह गैर-न्यायिक (नॉन-ज्यूडिशियल) स्टाम्प पेपर पर प्रिंट होता है। चूंकि आपने इसकी शपथ ली है, इसलिए शपथ पत्र में झूठा बयान देना दंडनीय अपराध है, और ठीक यही बात इसे वह कानूनी महत्व देती है जो किसी साधारण चिट्ठी में नहीं होता। AffidavitWala.com इस प्रक्रिया में मसौदा तैयार करने वाला हिस्सा संभालने के लिए बना है — यह 20 से अधिक आम स्थितियों के लिए सही भाषा में लिखे और प्रिंट के लिए तैयार शपथ पत्र बनाता है, ताकि आपको खाली पन्ने से शुरुआत न करनी पड़े।

एक शपथ पत्र, जो अपने आम उपयोगों के प्रतीकों से जुड़ा है: एक घर, शादी की अंगूठियां, रुपये के सिक्के, एक कैलेंडर, फोल्डर, एक मैग्निफाइंग ग्लास और एक परिवार
शपथ पत्र की जरूरत पड़ने के आम कारण: पता, विवाह, आय, जन्मतिथि, खोए हुए दस्तावेज और पारिवारिक रिश्ते।

शपथ पत्र के पीछे मूल विचार जवाबदेही का है। कोई भी व्यक्ति चिट्ठी लिखकर किसी बात के सच होने का दावा कर सकता है। शपथ पत्र इससे अलग है, क्योंकि इसमें आप किसी अधिकृत अधिकारी के सामने औपचारिक रूप से इसके सच होने की शपथ लेते हैं, और उस शपथ के साथ आपके हस्ताक्षर जुड़े होते हैं। अगर बाद में यह सामने आए कि इसमें लिखी बातें जानबूझकर झूठी थीं, तो भारतीय कानून के तहत शपथकर्ता को झूठी गवाही (पर्जरी) के लिए कानूनी परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

इसीलिए सरकारी दफ्तर, बैंक, अदालतें, स्कूल और दूतावास सादे बयानों के बजाय नियमित रूप से शपथ पत्र मांगते हैं — इससे जानकारी के सही होने की जिम्मेदारी दावा करने वाले व्यक्ति पर आ जाती है, और झूठ बोलने पर होने वाला वास्तविक कानूनी परिणाम इस जिम्मेदारी को बल देता है।

भारत में इस्तेमाल होने वाले शपथ पत्रों के आम प्रकार

शपथ पत्रों का इस्तेमाल रोजमर्रा और आधिकारिक, दोनों तरह की ढेरों अलग-अलग स्थितियों में होता है। इनके कुछ सबसे आम प्रकार — जो सभी AffidavitWala.com पर रेडीमेड टूल के रूप में उपलब्ध हैं — ये हैं:

  • पता प्रमाण शपथ पत्र — जब आपके नाम पर बिजली-पानी का कोई बिल या किरायानामा न हो
  • नाम परिवर्तन शपथ पत्र — विवाह के बाद, स्पेलिंग में सुधार के लिए, या अपनी निजी पसंद से
  • आय शपथ पत्र — लोन आवेदन, छात्रवृत्ति या फीस में छूट के लिए
  • विवाह शपथ पत्र — पासपोर्ट आवेदन, वीजा प्रक्रिया या पता अपडेट कराने के लिए
  • जन्मतिथि शपथ पत्र — जब आपका जन्म प्रमाण पत्र उपलब्ध न हो या उसमें कोई गड़बड़ी हो
  • खोए दस्तावेज का शपथ पत्र — किसी प्रमाण पत्र, मार्कशीट या पहचान पत्र के खो जाने की औपचारिक घोषणा के लिए
  • संबंध प्रमाण शपथ पत्र — आधिकारिक कामों में पारिवारिक रिश्ता साबित करने के लिए

हर शपथ पत्र में क्या जरूरी है, चाहे वह किसी भी प्रकार का हो

भले ही शपथ पत्र बहुत अलग-अलग स्थितियों के लिए बनते हों, फिर भी लगभग हर शपथ पत्र का बुनियादी ढांचा एक जैसा होता है: शपथकर्ता का पूरा नाम, पिता या पति का नाम (पुत्र/पुत्री/पत्नी), उम्र और पता; जिन तथ्यों की शपथ ली जा रही है, उनका स्पष्ट और क्रमांकित विवरण; एक सत्यापन खंड, जो इस बात की पुष्टि करता है कि शपथकर्ता की पूरी जानकारी के अनुसार इसमें लिखी बातें सच हैं; और शपथकर्ता के हस्ताक्षर की जगह, जिस पर नोटरी पब्लिक या कार्यपालक मजिस्ट्रेट गवाह बनकर अपनी मुहर लगाते हैं।

इसे सही मूल्य के गैर-न्यायिक स्टाम्प पेपर पर प्रिंट करना भी जरूरी है — यह मूल्य राज्य के हिसाब से, और कभी-कभी शपथ पत्र के उद्देश्य के हिसाब से, अलग-अलग होता है। अगर आपको पक्का नहीं पता कि आप पर कौन-सा मूल्य लागू होता है, तो नीचे स्टाम्प पेपर के मूल्यों पर हमारी गाइड देखें।

AffidavitWala.com आपके लिए शपथ पत्र कैसे तैयार करता है

ऊपर बताई गई सारी बातों को खुद फॉर्मेट करने या कचहरी परिसर के पास किसी टाइपिस्ट को पैसे देने के बजाय, आप AffidavitWala.com पर अपने शपथ पत्र का प्रकार चुन सकते हैं, आसान निर्देशों वाले एक छोटे फॉर्म में अपनी जानकारी भर सकते हैं, और सही फॉर्मेट वाला दस्तावेज — जिसमें हर जरूरी खंड सही जगह पर हो — कुछ ही मिनटों में पा सकते हैं। आप इसे अंग्रेजी, हिंदी या मराठी में बना सकते हैं, अंतिम रूप देने से पहले इसकी भाषा को जांचकर उसमें बदलाव कर सकते हैं, और ऐसी PDF डाउनलोड कर सकते हैं जिसका साइज सीधे स्टाम्प पेपर पर प्रिंट करने के हिसाब से तय है।

यह प्लेटफॉर्म नोटरी सत्यापन की जगह नहीं लेता — जैसा कि नीचे बताया गया है, उस चरण के लिए अब भी आपका खुद मौजूद होना जरूरी है — लेकिन जो हिस्सा लोगों को सबसे ज्यादा उलझाता है, उसे यह आपके लिए निपटा देता है: शुरू से ही भाषा और फॉर्मेट को सही रखना।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या शपथ पत्र और नोटरी से सत्यापित दस्तावेज एक ही चीज हैं?

पूरी तरह नहीं — नोटरी सत्यापन वह चरण है जो शपथ पत्र को आधिकारिक बनाता है। शपथ पत्र खुद वह दस्तावेज है (यानी शपथपूर्वक दिया गया बयान); नोटरी सत्यापन में नोटरी पब्लिक या कार्यपालक मजिस्ट्रेट आपके हस्ताक्षर के गवाह बनते हैं और आपको शपथ दिलाते हैं, और इसी से दस्तावेज को कानूनी मान्यता मिलती है।

शपथ पत्र कितने समय तक मान्य रहता है?

ज्यादातर शपथ पत्रों में कोई तय समाप्ति तिथि नहीं लिखी होती, लेकिन जो संस्था इसे मांग रही है, वह हो सकता है सिर्फ हाल की तारीख वाला शपथ पत्र स्वीकार करे — आम तौर पर पिछले 3 से 6 महीनों के भीतर का — क्योंकि इसका मकसद आपकी मौजूदा, यानी आज की परिस्थितियों को दिखाना होता है।

क्या अपना शपथ पत्र खुद लिखा जा सकता है, या इसे किसी वकील से ही टाइप करवाना पड़ता है?

आप इसे खुद तैयार कर सकते हैं, बशर्ते उसमें मान्य कानूनी भाषा और फॉर्मेट का पालन हो और उसका नोटरी सत्यापन ठीक से हुआ हो। AffidavitWala.com 20 से अधिक आम प्रकार के शपथ पत्रों के लिए सही फॉर्मेट वाली भाषा तैयार करता है, जो स्टाम्प पेपर पर प्रिंट करने के लिए तैयार होती है — सामान्य और बिना विवाद वाले मामलों में वकील की जरूरत नहीं पड़ती।

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